डॉ. व्ही. एस. वाकणकर

लक्ष्मण श्रीधर वाकणकर (लिपिकार बापू वाकणकर)

Laxman Shridhar Wakankar (Lipikar Bapu Wakankar) जन्म : १७ सितंबर १९१२

स्थान: गुना मध्यप्रदेश

शिक्षण प्रारंभिक: गुना, सागर, जबलपूर,नीमच, इन्दौर और धार.

मॅट्रिक्युलेशन : धार (अलाहाबाद बोर्ड)१९२७. हाइस्कूल में प्रथम.

इण्टर सायन्स : धार (अजमेर बोर्ड) आनंद कॉलेज में प्रथम.

मेकॅनिकल इंजीनिअरिंग : V. J. T. I. मुंबई(१९२९-३०).

बी.एससी (टेक) : (इण्डस्ट्रियल केमेस्ट्रीतथा केमिकलइंजीनिअरिंग–बनारस हिन्दू युनिव्हर्सिटी १९३५.

 

 

शिक्षणोत्तर कार्य :

  • इण्डस्ट्रियल अध्यापक :
    आर.बी चुनिलाल स्कूल, चितापत्ती, फैजाबाद, उ.प्र.१९३५.
  • डिस्टिलेशन केमिस्ट :
    हिन्दुस्तान ऑरोमेटिक्सकं. बनारस१९३५-३७.
  • संस्थापक पार्टनर :
    आयडियलइन्स्टिट्यूट प्रा. लि. (आशा ब्राण्ड ब्यूटी एडस्तथा इंक्स )बनारस१९३६. मुबई में तबादला १९३९.त्यागपत्र १९५०
  • पार्टनर :
    Julie Claire brand Lipsticks & Varnishes with Edward .JFielden&MrsMeave Scott of J. Walter Thompson Co (Eastern) Ltd., मुंबई१९४३-४७.
  • प्रॉडक्शन डायरेक्टर :
    निनाद (Advertising) लि.१९४७-५०.
  • संस्थापक :
    क्रोमो प्रिण्टस् मई १९५०मुबई.
  • संस्थापक :
    Institute of Typographical Research (ITR)– पुणे वसंत भट तथा मुकुंद गोखले के साथ और बादमें संजय देशपांडे जुड गये ।
  • व्याख्याता :
    Govt. Institute of Printing Technology in Ceramic Theory – Sir J. J. School of Arts (Ceramic Craft section).सेरेमिक शैक्षणिक कार्यों में कन्सल्टण्ट .
  • ग्राफिक आर्ट कन्सल्टण्ट:
    इनपोलिग्राफमाश – मॉस्को, Asian Cultural Centre for UNESCO टोक्यो जापान, Graphic Arts Research Foundation Inc. Boston, USA.
  • सक्रीय सदस्य :
    लिपे अध्ययन मंडल तथा अक्षर संशोधन केन्द्र, मुंबई.
    Graphic Arts Research Society of India (GARSI), मुंबई.
    इन्स्टिट्यूट ऑफ टिपोग्राफिकल रीसर्च (ITR), पुणे.
  • सक्रीय सहयोगी :
    National Centre for Software Development and Computer Techniques at T.I.F.R मुंबई.
    National Institute of Design, अहमदाबाद.

Achievements – Scripts & Keyboards :

क्र. विवरण वर्ष
१. पुरालेखन का अध्ययन, ऐतिहासिक संशोधन तथा लिपीप्ररचना १९२६ से
२. अधिकारिक सुलेखक : मराठी-गुजराती लिपि सुधार कमिटी, मुंबई शासनi (चेअरमन काकासाहेब केलकर). १९३९-४९
३. मूल आकृति के लिए लोहे के टंक की सर्वमूल लेखकटाई भाषा-निदेशालय, महाराष्ट्र शासन. १९६१-६२
४. हल्दा (मद्रास) के टाइपरायटर, रेमिंगटन ( कोलकता) के लिए मराठी गुजराती के टंक तैयार किये (टंक का उत्पादन जर्मनी में हुआ ) १९६६-६७
५. Bradma addressing मशीनों पर देवनागरी नई डाय सिस्टिम तैयार की (टाइप का उत्पादन इंग्लण्ड में हुआ ) १९६८
६. गोदरेज टाइप रायटर हेतु पांच लाइन देवनागरी टाइप बनाया ( Alfred Ransmeyer, प.बर्लिन ने टाइप का उत्पादन किया). १९७०
७. On-spot collection of data on composition of Regional Scripts: कन्नड (बंगलुरु- मैसूर); मलयालम (कोचीन - त्रावणकोर); तामिळ (मद्रास-तंजावुर) तथा उर्दू (हैदराबाद- विजयवाडा ). १९७०
८. प्रमुख निबंध –दक्षिण भारत की भाषाओं के लिए एक सामान्य लिपि द्राविडियन लिंग्विस्टिक असोशिएशन बंगलुरु द्वारा आयोजित मार्च १९७०
९. भारत में पहली बार फोटे सेटिंग के लिए फोटोमॅट्रिक्स देवनागरी में एक आधुनिक पद्धती और एक परंपरागत पद्धती के लिए टाटा प्रेस में आर सुब्बू और जी एस कृष्णस्वामी के साथ बनाया १९७२-७४
१०. Harris Intertype Fototronik-600, के लिए DATEK Keyboard बनाया देवनागरी की बोर्ड, मेहता ऑफसेट नई दिल्ली द्वारा स्थापित किया. १९७४
११. पेटंट क्र. 117318/1978 – देवनागरी के लीनियर कंपोझीशन केऑब्लीक कट मेट्रीसएस रामू के साथ (टाटा प्रेस).  
१२. टेले प्रिंटर के लिए टेले नागरी लीनियर सीक्वेन्स के साथ इनपुट आउटपुट धारणा के साथ पेटंट किया, ध्वनि अनुरूप और संतुलित की बोर्ड क्र. ३०१ के जरिये बनाये. मुंबई. १९७७
१३. डॉ. एस पी मुदुर कम्प्युटर के साथ जॉइण्ट पेटण्ट No 207.Bom.1978 input “शब्दज्ञान अणुओं के साथ मॉलेक्युलर बिल्ड अप (कुल५२) मॅट्रिक्स कॅररेक्टर्स के जरिये सैंकडो अक्षर बनाने के लिए, (डिजिटाइज्ड ग्राफिक्स के जरिये पहले से मेमरी में हैं ) १९७८
१४. मोनोटाइल इण्डिया लि. के लिए अपने आप में परिपूर्ण कीबोर्ड की रूपरेखा बना दी ( डिझाइन किया ) १९७८
१५. नॅशनल सेंटर फॉर सॉफ्टवेअर डेव्हलपमेंट और कम्प्यटर टेक्नॉलॉजी के लिए कम्प्युटर की बोर्ड डिझाइन किया, टाटा इन्स्टिट्यूट फॉर फंडामेण्टल रीसर्च मुंबई. १९७८
१६. Diatronic Photosetter के लिए परंपरागत देव नागरी का कार्यशील कीबोर्ड डिझाइन किया ( H Berthold AG Germany )औरहलके और मोटे देवनागरी को एक युनिट बनाया ।वसंत बी. भट और मुकुंद गोखले के साथ Institute of Typographical Research, पुणे के जरिएITR 79 बनाया । १९७९
१७. तुरन्त प्रतिपूर्ती के लिए,देवनागरी कालीनियर मार्चिंग डिस्प्ले टाइप1(5/14) and 2(5/14) dot-matrix at T.I.F.R. (NCSDCT) के साथ डिझाइन किया ।  

पारितोषक :

  • फालके इण्डस्ट्रियल पारितोषक, मराठा चेबर१९५२.
  • ‘उत्कृष्ट छपाई के लिए प्रांतीय पारितोषक, महाराष्ट् शासन, १९६६.
  • ‘आचार्य विनोबा भावे पारितोषक’ नागरी लिपि परिषद् , गांधी स्मारक निधि राजघाट , नई दिल्ली.

विदेश यात्राएँ :

  • १९६२
    Italy, W Germany, Holland, France, Switzerland, UAR (Cairo-Egypt) for studies in Art Heritage.के अध्ययन हेतु इटली, पश्चिम जर्मनी, हॉलण्ड, फ्रान्स, स्वित्झरलण्ड यु ए आर (कैरो –इजिप्त )
  • १९६९
    सोव्हएट रशिया--इनपोलिग्राफमाश – मॉस्को, रुसी लाइन कास्टर पर देवनागरी इन्स्टॉल करने के लिए । व्ही बी भट के साथ अद्ययावत छपाई के अध्ययन. पू. बर्लिन. इंलण्ड,हॉलण्ड, फ्रान्स, स्वित्झरलण्ड, पश्चिम बर्लिन, इटली
  • १९७९
    हॉट मेटल औरफोटोसेटर बनानेवाली फर्मों से मिलने इंलण्ड, हॉलण्ड, फ्रान्स, स्वित्झरलण्ड, पश्चिम बर्लिन, इटली

सेमिनार :

वर्ष विवरण स्थान
१९६७ Phonetic Graphics – Xth Congress of Association of TypographiqueInternationale. पॅरिस
१९६९ देवनागरी टाइप डिझाइन करना– वार्षिक अधिवेशन : All India Type Founders Federation. मुंबई
१९७० -७१-७२ All India Advanced Summer Schools of Teachers and Sequential Summer School. शासकीय प्रिंटिंग टेक्नॉलॉजी प्रशाला. मुंबई
१९७५ ३९वाँवार्षिक अधिवेशन:भारतीय सेरॅमिक सोसायटी मुंबई
१९७९ प्रथम सेमिनार-- ‘भारतीय स्क्रीन प्रिंटिंग असोसिएशन’ मुंबई
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